What Comes From Within
यह पृष्ठ एक साक्षात्कार का सारांश नहीं है। यह 37 वर्षों के जीवन ज्ञान की आवाज़ है — जो शब्दों में कहीं-कहीं ही उतर पाती है।
This page is not a summary of an interview. It is the voice of 37 years of lived wisdom — that only sometimes finds its way into words.
"धर्म युक्त कर्म ही सर्वोपरि है।"
"Dharma-guided karma alone is supreme."
— श्री तारकेश्वर पाराशर · नक्षत्र मार्गदर्शकWhen One Line Changed a Life
बीस वर्ष की आयु में उन्होंने एक महापुरुष की पुस्तक में एक पंक्ति पढ़ी जिसने उनका जीवन बदल दिया —
"जब तक व्यक्ति स्वयं को विद्यार्थी मानता है, तब तक ही वह जीवन में प्रगति करता है।"
"As long as a person considers themselves a student, they continue to progress in life."
उस दिन से वे जीवन भर विद्यार्थी बने रहे। आज 75 वर्ष की आयु में भी वही जिज्ञासा, वही साधना। यही इस सब की आत्मा है।
Since that day, he has remained a student for life. At 75, the same curiosity, the same practice. This is the soul of it all.
जन्म से उन्हें असाधारण प्राकृतिक एकाग्रता का वरदान मिला था। उनकी प्रकृति है — "जहाँ भी ध्यान लगाओ, उसकी गहराई तक पहुँचो।" इसी प्रकृति ने 37 वर्षों में उन्हें दुर्लभ विशेषज्ञ बनाया।
Born with extraordinary natural concentration. His nature: "wherever I focus, I reach its depths." This nature, over 37 years, made him rare.
ज्योतिष से शुरुआत, अध्यात्म तक गहराई, और उस गहराई से जीवन को देखना — यही उनका मार्ग है।
"जो विद्यार्थी नहीं रहता, उसकी प्रगति जीवन में बाधित हो जाती है।" यह सिद्धांत नहीं — उनका जीवन है।
हर जीवन के साथ एक नई गहराई। हर सत्र में सत्य के प्रति वही अटल प्रतिबद्धता।
Astrology & Human Nature
जन्म के साथ ही व्यक्ति की प्रकृति, उसकी सोच, उसका जीवन पथ — सब कुछ निर्धारित हो जाता है। लग्न और चंद्र राशि मिलकर यह तय करते हैं कि व्यक्ति किस दिशा में जाएगा।
At birth, a person's nature, thinking and life path are all determined. The lagna and chandra rashi together define direction.
"ज्योतिष को पाँच वाक्यों में define करना — यह प्रश्न ही गलत है। ज्योतिष का सीधा संबंध ब्रह्मांड से है।"
"Defining astrology in five sentences — the question itself is wrong. Astrology has a direct connection with the universe."
और जो व्यक्ति ब्रह्मांड को पूर्ण रूप से समझना चाहे — वह भविष्य के गर्भ में है।
And one who wishes to understand the universe completely — they are in the womb of the future.
यूँ तो शादी के बाद — या यूँ कहें कि नवांश कुंडली के बाद — भी जीवन में परिवर्तन होना होता है। जब जीवन में दूसरा व्यक्ति प्रवेश करता है, एक नई कुंडली बनती है।
Indeed, after marriage — or one could say after the navamsha kundli — transformation in life is bound to happen. When another person enters life, a new kundli forms.
"जब व्यक्ति को अपनी quality और disquality का पता चल जाए और वह अपनी quality के अनुसार चले — तो उसे कोई नहीं रोक सकता।"
"When a person discovers their quality and disquality, and walks aligned with their quality — nothing in life can stop them."
कुंडली में क्या दिखता है · What the Kundli Reveals
व्यक्ति की प्रकृति
A person's innate nature
अवसाद का मूल कारण
Root cause of depression
करियर का सही मार्ग
The right career path
पारिवारिक द्वंद्व का स्रोत
Source of family conflict
राजनीतिक समय और रणनीति
Political timing & strategy
Depression & The Ego
अवसाद किसी न किसी कारण से होता है — कोई न कोई reason होता है। वह कारण हमेशा बाहर से आता है — दूसरे व्यक्तियों से, परिस्थितियों से, रिश्तों से।
Depression always has a cause. That cause always comes from outside — from other people, situations, relationships.
"जितना मैं अध्यात्म को समझता हूँ — तो अवसाद का मुख्य कारण अहम/अहंकार है।"
"The more I understand adhyatma — the root cause of depression is ego/ahankar."
यदि मैं अहम को समाप्ति की ओर ले जाऊँ — तो मैं अवसाद को समाप्त कर सकता हूँ। और यदि अहंकार को समाप्त नहीं करता, याँ ignore करता रहता हूँ — तो यह एक लाइलाज बीमारी की तरह बढ़ती जाती है।
If I move my ego toward dissolution — I can end depression. But if I do not dissolve it, keep ignoring it — it grows like an incurable disease.
अवसाद का संबंध मन के हार्मोन्स से है। जितनी जल्दी कारण पहचाना जाए — उतनी जल्दी मुक्ति।
Depression is connected to the hormones of the mind. The sooner the cause is identified — the sooner liberation.
अध्यात्म का वह मार्ग जो अहंकार को घटाता है — वही अवसाद की स्थायी दवा है।
कुंडली में अवसाद का कारण दिखता है — बिना बताए। वे पढ़ते हैं, पहचानते हैं, और मार्ग दिखाते हैं।
केवल लक्षण नहीं, जड़ को दूर करना — यही उनका अनूठा मार्ग है।
In Their Own Words
"ज्योतिष का सीधा संबंध ब्रह्मांड से है — और ब्रह्मांड को समझना कोई छोटी बात नहीं।"
नौ ग्रह, बारह भाव, नक्षत्र — इनका समग्र विश्लेषण ही ज्योतिष है।
Nine planets, twelve houses, nakshatras — their complete synthesis is astrology.
"जब तक व्यक्ति स्वयं को विद्यार्थी मानता है, तब तक ही वह जीवन में प्रगति करता है।"
20 वर्ष की आयु में पढ़ी यह पंक्ति — 75 वर्ष में भी उनकी प्रेरणा है।
Read at 20, lived at 75. The hallmark of a true master.
"अवसाद का मुख्य कारण अहम/अहंकार है — और अध्यात्म उसकी एकमात्र दवा।"
कारण पहचानो, अहम घटाओ — अवसाद स्वयं समाप्त होता है।
Identify the cause, reduce the ego — depression ends by itself.
"आपकी बाधा किसी और की कुंडली में लिखी हो सकती है।"
नवांश कुंडली के बाद जीवन में परिवर्तन होता है — यह ज्योतिष का मूल सत्य है।
After the navamsha kundli, life transforms — this is astrology's core truth.
"जब व्यक्ति को अपनी quality और disquality का पता चले और वह quality के अनुसार चले — कोई नहीं रोक सकता।"
यही जीवन परामर्श का मूल — अपनी प्रकृति को पहचानना।
This is life counselling's core — recognising your own nature.
"आज तक दी गई हर सलाह शत-प्रतिशत सफल रही है — बिना किसी अपवाद के।"
अनेक नेताओं और दलों के सलाहकार — सही समय पर सही निर्णय।
Advisor to many leaders and parties — right decision at the right time.
Core Principles — 37 Years, Unchanged
उपाय ग्रहों के प्रभाव को शांत कर सकते हैं, मार्गदर्शन रास्ता दिखा सकता है — परंतु अंततः धर्म युक्त कर्म ही सर्वोच्च शक्ति है।
वे वही बताते हैं जो तारे कहते हैं — वह नहीं जो आप सुनना चाहते हैं। झूठा आराम मार्गदर्शन नहीं होता।
"जो विद्यार्थी नहीं रहता, उसकी प्रगति जीवन में बाधित हो जाती है।" 75 वर्ष की आयु में भी वही जिज्ञासा, वही साधना।
"जहाँ भी ध्यान लगाओ, उसकी गहराई तक पहुँचो।" जीवन में एकाग्रता से ही गहराई में जाया जा सकता है।
"धर्म युक्त कर्म
ही सर्वोपरि है।"
"Dharma-guided karma
alone is supreme."
— श्री तारकेश्वर पाराशर · नक्षत्र मार्गदर्शक · वैशाली, गाज़ियाबाद
"Technology should serve human depth, not replace it."
— Vedant Aggarwal, Founder · Anthroveda